Baddi (Himachal Pradesh), 25 मई 2025 – हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक शहर बद्दी से एक बड़ी खबर सामने आई है । जहां Wipro Enterprises Baddi ने अपनी एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को स्थायी रूप से बंद करने का आश्चर्य जनक निर्णय लिया है । इस फैसले ने करचरियों को एकदम हैरानी में डाल दिया है और अब उनके रोजगार पर एक संकट पैदा हो गया है । क्यूंकी इस यूनिट में सेकड़ों कर्मचारी काम कर रहे थे और कंपनी के इस फैसले से सेकड़ों लोगों के रोजगार और उनके परिवार पर सीधा असर होने वाला है । कंपनी प्रबंधन का कहना है की ये फैसला लंबे समय से चले आ रहे कर्मचारियों के गतिरोध और दिसंबर 2024 से लगातार जारी कर्मचारियों की हड़ताल के बाद लिया गया है ।
Wipro Enterprises Baddi का बयान: “प्लांट की स्थिति अस्थिर और घाटे में थी”
24 मई को जारी एक आधिकारिक बयान में Wipro Enterprises Baddi ने कहा, “हम हमेशा से अपने कर्मचारियों टीम और समुदायों के साथ मिलकर मजबूत रिश्ते बनाने और जिम्मेदारी के साथ व्यवसाय चलाने में विश्वास रखते हैं। लेकिन लगातार हो रहे गतिरोध और काम में व्यवधान और हड़तालों की वजह से लगातार होने वाले आर्थिक नुकसान से प्लांट निरंतर घाटे में और अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था इसलिए हमें ये कठिन निर्णय लेना पड़ा जो हमारे लिए भी एक कठिन निर्णय है ।
अचानक किया गया फैक्ट्री गेट बंद
लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारी जब रोज़ की तरह 24 मई की सुबह जब काम पर पहुंचे, तो उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने फैक्ट्री में ENTRY करने से रोक दिया। उन्हें बताया गया कि फैक्ट्री अब स्थायी रूप से बंद कर दी गई है। ये जानकारी मिलने के बाद कर्मचारी हैरान और परेशान हो गए क्यूंकी ये उनके आर्थिक और परिवार से जुड़ा हुआ फैसला था । और उन्हें इस बारे में पहले से कोई खबर नहीं दी गई थी जिससे वो एकदम सूचना मिलने के बाद चिंता में पद गए ।
Wipro Enterprises Baddi श्रमिक यूनियन ने उठाई आवाज़
Wipro Employees Union ने इस निर्णय के खिलाफ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, श्रम एवं रोजगार मंत्री और श्रम आयुक्त से शिकायत की है। यूनियन का आरोप है कि कंपनी ने बिना किसी औपचारिक नोटिस के प्लांट को बंद कर दिया। यूनियन नेताओं का कहना है कि वो लोग अधिकतर शर्तों पर सहमत हो गए थे, लेकिन बातचीत उस समय बंद हो गई जब कंपनी ने पुलिस में दर्ज केसों को वापस लेने की मांग की, जिसे यूनियन ने ठुकरा दिया था और इसे एक अनुचित शर्त बताया था । इसके बाद विवाद और अधिक बढ़ गया था जिसके बाद कंपनी ये निर्णय पर विचार करने लगी थी । लेकिन करचरियों को इतने बड़े निर्णय की उम्मीद नहीं थी उनका मानना था की ये मतभेद कंपनी में ही हल हो जाएगा । और वो सामान्य तरह से काम करेंगे ।
Wipro Enterprises Baddi दूसरी यूनिट अब भी चालू
हालांकि, Wipro के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर जानकारी दी कि बद्दी की एक अन्य यूनिट अब भी सुचारू रूप से काम कर रही है और कंपनी के लिए महत्वपूर्ण यूनिट बनी हुई है। क्यूंकी वो यूनिट अभी अच्छे तरीके से कार्य कर रही है और वहाँ ये सब परेशानियाँ नहीं है इसलिए वो सुचारु रूप से चल रही है बंद होने वाली यूनिट को “आर्थिक घाटे और अस्थिरता ” होने का कारण दिया गया।
सैकड़ों परिवारों पर असर, भविष्य अनिश्चित
ये कंपनी यूनिट बंद होने से अब कर्मचारियों के सामने रोजगार और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है । हालांकि कंपनी का कहना है की वो सारे कानूनी नियमों और अपने दायित्वों का पालन कारेंगें । और कर्मचारियों को जरूरी और आवश्यक सहायता भी देंगें । लेकिन कर्मचारियों का भविष्य अब भी एक अधर में फंस गया है । और उन्हने अब अपने रोजगार और परिवार के साथ आर्थिक संकट की चिंता सता रही है । क्यूंकी ये ही उनका एक स्थाई रोजगार था और अभी भविष्य की अनिश्चिकता में वो परेशान हैं ।
अभी तक बेरोजगार हुए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं है लेकिन यूनियन का कहना है की कर्मचारी जो बेरोजगार हुए है उनकी संख्या सेकड़ों में है । और सेकड़ों परिवारों का इसमें बहुत बड़ा नुकसान है जिनका घर और परिवार यहाँ से चलता है ।
बद्दी में उद्योगों का संकट: एक के बाद एक फैक्ट्रियों का बंद होना
बद्दी, हिमाचल प्रदेश और देश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र, हाल के वर्षों में कई उद्योगों के बंद होने का गवाह बना है। यह संकट न केवल राज्य और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है, बल्कि सैकड़ों कर्मचारियों के लिए रोजगार का संकट भी उत्पन्न कर रही है। जिससे अब ये बंदी का संकट एक खतरे की घंटी की तरह कब ब्याज जाए कर्मचारियों की नौकरी कहा जाए इसका कोई अंदाजा किसी को नहीं है ।
अन्य प्रमुख उद्योगों का बंद होना
Lenovo: जनवरी 2010 में, Lenovo ने अपने बद्दी स्थित प्लांट को बंद कर दिया, जिससे स्थानीय रोजगार पर असर पड़ा।
SC Johnson सितंबर 2022 में, SC Johnson Products Private Limited ने बद्दी स्थित अपनी यूनिट को अचानक बंद कर दिया, जिससे कई कर्मचारी बेरोजगार हो गए। कर्मचारियों का आरोप है कि यह निर्णय बिना किसी पूर्व सूचना के लिया गया था और उनके रोजगार को गलत तरीके से प्रभावित किया गया था , और इस मामले को अब लेबर कोर्ट में उठाया गया है।
- Cosmetic Manufacturing Company: अक्टूबर 2023 में, एक कॉस्मेटिक निर्माण कंपनी ने अपने संचालन को बंद कर दिया, जिससे 300 से अधिक कर्मचारी बेरोजगार हो गए।
- Johnson & Johnson: 2016 में स्थापित, J&J का 55.27 एकड़ में फैला प्लांट कभी चालू नहीं हो पाया और अंततः इसे बेचने का निर्णय लिया गया।
कोविड-19 महामारी के दौरान उद्योगों पर प्रभाव
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य में कुल 43 औद्योगिक इकाइयों को बंद करना पड़ा। इनमें से बद्दी और सोलन में दो-दो, ऊना में तीन, शिमला और कांगड़ा में एक-एक इकाई बंद हुईं।
ऐसी ही और खबरों के लिए पढ़ते रहिए newstop.in।
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