भारत सरकार ने इस बार Navratra से लागू होने वाले new GST rates का ऐलान कर दिया है। वित मंत्री निर्मला सितारमन की अध्यक्षता में GST पर ये बड़ा फैसला लिया गया । जिसमें 12 और 28 फीसदी टैक्स स्लैब को खत्म कर दिया गया और अब सिर्फ 5% और 18% दो ही तरह का टैक्स स्लैब लाया गया है । इन बदलावों से सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। सबसे बड़ी राहत दूध-दही, किताबें और बीमा जैसे ज़रूरी सामान व सेवाओं को Zero GST के दायरे में लाने से मिली है। वहीं दूसरी ओर, लग्ज़री आइटम्स और हानिकारक उत्पादों जैसे पान मसाला व निकोटीन पर टैक्स और बढ़ा दिया गया है।
जैसा कि पहले Newstop ने रिपोर्ट किया था,हाल ही में अगस्त में सरकार New Income Tax Bill लेकर आई थी और GST काउंसिल लंबे समय से स्लैब को आसान और आम आदमी के अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रही थी।
Zero GST : शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत
नई दरों के अनुसार अब किताबें, नोटबुक, पेंसिल जैसी शिक्षा सामग्री पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। दूध-दही, लस्सी, पनीर और दवाइयों को भी GST से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। बीमा पॉलिसी पर भी अब टैक्स नहीं लगेगा, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।
एक रिपोर्टर के तौर पर मेरी निजी राय है कि यह फैसला शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मज़बूती देगा और middle-class परिवारों की मासिक बचत में इजाफा करेगा।
5% स्लैब: रोज़मर्रा की ज़रूरतें अब और सस्ती
नई लिस्ट में household products जैसे वॉशिंग पाउडर, टूथपेस्ट, दही-मक्खन, कपड़े धोने का साबुन और बिजली के उपकरणों पर टैक्स घटाकर 5% कर दिया गया है। किसानों को राहत देते हुए ट्रैक्टर और कृषि उपकरण भी इसी श्रेणी में लाए गए हैं।
18% स्लैब: गाड़ियाँ और इलेक्ट्रॉनिक्स होंगे किफायती
नई दरों के अनुसार छोटी कारें, मोटरसाइकिलें, एयर कंडीशनर, टीवी, फ्रिज जैसी वस्तुओं पर अब 18% GST लगाया जाएगा। पहले इन पर 28% तक टैक्स लगता था। इसका सीधा असर festive season में गाड़ियों और electronics की सेल पर पड़ सकता है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से automobile और consumer durable सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी।
40% टैक्स: हानिकारक उत्पादों पर सख्ती
सरकार ने पान मसाला, निकोटीन और इससे जुड़े उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर 40% कर दिया है। सरकार का मानना है कि ऐसे उत्पादों की खपत कम करने और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए यह कदम ज़रूरी था।
पहले और अब GST दरें
| वस्तु/सेवा | पहले का GST | नया GST (2025) |
|---|---|---|
| दूध-दही, पनीर | 5% | 0% |
| किताबें, नोटबुक | 12% | 0% |
| बीमा पॉलिसी | 18% | 0% |
| वॉशिंग पाउडर, टूथपेस्ट | 12% | 5% |
| ट्रैक्टर व कृषि उपकरण | 12% | 5% |
| छोटी कारें, मोटरसाइकिल | 28% | 18% |
| टीवी, फ्रिज, एसी | 28% | 18% |
| पान मसाला, निकोटीन | 28% | 40% |
New GST Rates जनता की नज़र से
नई GST दरों ने जहां एक तरफ आम आदमी को राहत दी है, वहीं सरकार ने राजस्व संतुलन बनाए रखने के लिए harmful products पर टैक्स बढ़ाकर एक मजबूत संदेश भी दिया है।
एक आम उपभोक्ता के तौर पर मुझे लगता है कि ये बदलाव middle-class families के बजट को संतुलित करेंगे और साथ ही health awareness को भी बढ़ावा देंगे।
अधिक जानकारी के लिए देखें – GST (भारत सरकार)













