Himachal Pradesh में निवेश की लहर : कांगड़ा से ऊना तक लगेंगे नए उद्योग, दवाइयों से लेकर सोलर और ऑटो पार्ट्स तक को मिली मंजूरी

Himachal Pradesh में निवेश की लहर
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Himachal Pradesh, 14 अक्टूबर 2025 | Newstop ब्यूरो : हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विकास की रफ्तार इन दिनों और तेजी पकड़ती हुई नजर या रही है । राज्य सरकार ने अपनी कुछ नीतियों में बदलाव करके नई औद्योगिक नीति के तहत कई नई और कई पुरानी कंपनियों को अपने नए प्रोजेक्ट लगाने की अनुमति दी है । जिसकी वजह से राज्य में निवेश के साथ साथ रोजगार भी बढ़ने की संभावना हैं ।

सोलन जिला पहले से ही एक औद्योगिक क्षेत्र रहा है वहाँ पर भी नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है साथ ही राज्य के कुछ अन्य जिलों में भी कंपनियों के नए प्रोजेक्ट खुलने जा रहे है जिसमें कांगड़ा , सिरमौर , मंडी भी शामिल हैं । हिमाचल की सरकार “मेक इन हिमाचल” के तहत औद्योगिक विस्तार और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही है जो राज्य के लिए बेहद अच्छे परिणाम का सकता है ।

कांगड़ा में एमएस अंगुस लगाएगी लिक्विड और चारा यूनिट

कांगड़ा जिले में एमएस अंगुस इंडिया को “इंडियन मेड फॉरेन लिक्विड” और पशु चारा निर्माण की इकाई लगाने की मंजूरी दी गई है। ये यूनिट आधुनिक तकनीकों की मदद से कच्चे माल से पशु चारा तैयार करके उसे बाहरी देशों में export करेगी । जिस से लोकल लोगों और किसानों को सीधा लाभ होगा और रोजगार भी उत्पन्न होगा । इस प्रोजेक्ट से पशुपालन और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

सिरमौर जिला बनेगा दवा उद्योग का हब

सिरमौर में पहले से ही काफी संख्या में उद्योग काम कर रहे और अब एक और कंपनी सिरमौर में अपनी यूनिट लगाएगी जिसकी अनुमति सरकार द्वारा दे दी गई है । दवा कंपनी मेंबर्स फार्मा को दवाइयों के निर्माण की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही एक सीबीजी प्लांट को भी मंजूरी दी गई है, जो बायोगैस फोम तैयार करेगा। ये प्रोजेक्ट हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देगा और पर्यावरणीय संतुलन में मदद करने के साथ ही रोजगार भी प्रदान करेगा।

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सोलन में मेडिकल, सोलर और ऑटो उद्योगों का विस्तार

सोलन पहले से ही एक विकसित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में जाना जाता है जहां पर अनेकों दवाई कंपनी दवा बना कर देश और विदेशों में बेचती हैं । साथ ही और भी कई तरह के अन्य उद्योग यहाँ पर काम कर रहे हैं जिस से सोलन के साथ साथ पूरे हिमाचल और कई अन्य राज्यों के लोगों को भी रोजगार प्रदान करता है । इस बार यहाँ कई और बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है जिनके नाम कुछ इस तरह हैं —

  • जूपिटर सोलरटेक – सोलर सेल और रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों का निर्माण

  • मोरपेन मेडिपाथ – दवाइयों के उत्पादन का विस्तार

  • ओपीजी मोबिलिटी – इलेक्ट्रिक वाहनों के स्पेयर पार्ट्स का निर्माण

  • सुपीरियर बायोटेक लिमिटेड – ड्राई इंजेक्शन, लिक्विड इंजेक्शन और 500 एमजी टैबलेट्स व कैप्सूल निर्माण

  • एंब्रोस ऑटो कंप लिमिटेड – ऑटो स्पेयर पार्ट्स की यूनिट

  • डेजर्ट ईगल आर्म्स – लोहे और स्टील के पार्ट्स का निर्माण

इन यूनिट्स से सोलन में फार्मा, ऑटो और सोलर तीनों सेक्टरों को नई ताकत के साथ कई नए रोजगार मिलेंगे।

मंडी और ऊना में भी निवेश को हरी झंडी

मंडी जिले में Bahri  Renewable को धातु विज्ञान संबंधी बायोचार उत्पादन की मंजूरी दी गई है। यह प्रोजेक्ट मेटल रिसाइकलिंग और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा।

वहीं, ऊना जिले में Paras spices ltd. को आइसक्रीम और अल्ट्रा हाई टेम्परेचर (UHT) दूध उत्पादन इकाई लगाने की अनुमति दी गई है। इससे दुग्ध उत्पादों के क्षेत्र में हिमाचल की स्थिति और मजबूत होगी।

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हिमाचल प्रदेश में इन नए औद्योगिक निवेशों के साथ राज्य का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।
कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, मंडी और ऊना में लगने वाली ये यूनिट्स न केवल रोजगार का के नए अवसर खोलेंगी, बल्कि राज्य को “उद्योग और तकनीक का केंद्र” बनाने में भी अहम भूमिका निभाएंगी।