सोने की कीमतों में आई ऊँचाई, अब डॉलर के मुकाबले 12-15% गिरावट की संभावना

Will Gold Prices Fall in 2025
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सोने की कीमतों (Gold Prices) ने अप्रैल 22, 2025 को $3,500.05 प्रति औंस के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर को छू लिया था, लेकिन अब इसमें बड़ी गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में Gold में डॉलर के हिसाब से 12-15% तक की गिरावट आ सकती है। इसके पीछे मुनाफावसूली, अमेरिकी डॉलर (US Dollar) की मजबूती और निवेशकों की बदलती सोच बड़ी वजह बताई जा रही है।

सोने की कीमतों में हालिया बदलाव

अपने पीक के बाद Gold की कीमतें घटकर अब लगभग $3,287.72 प्रति औंस के आस-पास ट्रेड कर रही हैं। इस गिरावट का मुख्य कारण निवेशकों द्वारा हालिया तेजी में कमाए गए मुनाफे को बुक करना और US Dollar का मजबूत होना है। डॉलर इंडेक्स में बढ़त देखने को मिली है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था में विश्वास और फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को दिखाता है।

गिरावट के पीछे की प्रमुख वजहें

  1. मुनाफावसूली (Profit-Taking): Gold में तेजी से आई बढ़त के बाद निवेशक अब मुनाफा बुक कर रहे हैं, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ा है।

  2. US Dollar की मजबूती: डॉलर में तेजी से Gold विदेशी निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे इसकी डिमांड घटती है।

  3. ब्याज दरों की उम्मीदें (Interest Rate Expectations): फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की संभावना ने सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स को कम आकर्षक बना दिया है।

  4. रिस्की एसेट्स की ओर झुकाव: ट्रेड वॉर के खतरे घटने और अर्थव्यवस्था में स्थिरता आने के कारण निवेशक अब शेयर बाजार जैसे रिस्की एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं।

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वैश्विक आर्थिक संकेतक

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती देखने को मिल रही है, जहां हालिया डेटा ग्रोथ और महंगाई के काबू में होने की पुष्टि करता है। इससे US Dollar को सपोर्ट मिल रहा है और Gold जैसे सेफ-हेवन एसेट्स की डिमांड कम हो रही है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनावों में नरमी भी सोने की चमक को फीका कर रही है।

भारतीय बाजारों पर असर

भारत में भी सोने की कीमतें (Gold Price) अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड के साथ घटी हैं। 24 कैरेट Gold की कीमतों में गिरावट आई है, जिसे डॉलर की मजबूती और मांग में कमी का असर माना जा रहा है। हालांकि, शादी-ब्याह का सीजन नजदीक आने से घरेलू मांग में थोड़ी मजबूती आ सकती है।

आगे का रुख

फिलहाल संकेत यही हैं कि Gold में 12-15% तक की और गिरावट संभव है, लेकिन यह बाजार वैश्विक घटनाओं के प्रति संवेदनशील बना रहेगा। निवेशकों को केंद्रीय बैंकों की नीतियों, करेंसी के उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाओं पर नजर रखनी चाहिए।

Gold की हालिया ऊंचाई एक मिलाजुला नतीजा रही, जिसमें आर्थिक कारक एक साथ सामने आए। अब जब स्थिति बदल रही है, तो सोना एक करेक्शन के दौर से गुजर सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर ही निर्णय लेना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. सोने की कीमतों में 12-15% गिरावट क्यों आ सकती है?

    • मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती और रिस्की एसेट्स की ओर निवेशकों के झुकाव के कारण Gold में गिरावट की उम्मीद है।

  2. US Dollar का Gold Price पर क्या असर होता है?

    • जब डॉलर मजबूत होता है, तो Gold विदेशी खरीदारों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है और कीमतें गिरती हैं।

  3. ब्याज दरें Gold की कीमतों को कैसे प्रभावित करती हैं?

    • जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो Gold जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स कम आकर्षक लगते हैं, जिससे निवेशक दूसरे विकल्प चुनते हैं।

  4. भारत में सोने की गिरावट का क्या असर पड़ेगा?

    • भारतीय बाजार में Gold की कीमतें अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड से जुड़ी हैं। गिरावट का असर जरूर पड़ेगा, लेकिन घरेलू मांग इसे थोड़ा संतुलित कर सकती है।

  5. क्या अभी Gold में निवेश करना सही रहेगा?

    • निवेश से पहले अपनी फाइनेंशियल स्थिति और बाजार के ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए ही फैसला करें। लंबे समय के नजरिए से Gold हमेशा सुरक्षा कवच बना रहता है।