Adampur air base आखिर कहाँ और कैसा है भारत का ये खास और रणनीतिक एयर बेस ?

adampur air base
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भारत की रक्षा प्रणाली में Adampur air base का विशेष स्थान है। पंजाब के जालंधर जिले में स्थित यह एयर बेस न केवल सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि हाल ही में हुए “ऑपरेशन सिंदूर” में इसकी भूमिका ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 मई 2025 को इस एयर बेस का दौरा किया, जिससे इसकी रणनीतिक महत्ता और भी स्पष्ट हो गई की ये एयर बेस भारत के लिए कितना महत्व रखता है ।

Adampur air base की भौगोलिक स्थिति और सामरिक महत्व

Adampur एयर बेस की भौगोलिक स्थिति इसे भारत की पश्चिमी सीमा की सुरक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण बनाती है। यह पाकिस्तान सीमा से लगभग 100-120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे यह किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। इसके अलावा, यह एयर बेस चीन की सीमा से भी लगभग 220 किलोमीटर की दूरी पर है, जिससे यह दोहरे मोर्चे पर युद्ध की स्थिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। क्यूंकी ये माना जाता है की देश का एयर बेस जितना दुश्मन देश के नजदीक होगा उतना ही फायदेमंद वो युद्ध या आपातकालीन स्थित में साबित होता है ।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

Adampur एयर बेस की स्थापना 1950 के दशक में हुई थी और तब से यह कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों का हिस्सा रहा है। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में इस एयर बेस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 1971 के युद्ध में, जब पठानकोट एयर बेस पर हमला हुआ था, तब Adampur से उड़ान भरने वाले इंटरसेप्टर विमानों ने दुश्मन के विमानों को रोकने में सफलता प्राप्त की थी। इसके अलावा, 1999 के कारगिल युद्ध में भी Adampur से उड़ान भरने वाले मिराज विमानों ने टाइगर हिल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बमबारी की थी। जिससे युद्ध में भारत को एक निर्णायक बढ़त मिली थी ।

आधुनिकरण और तकनीकी उन्नयन

Adampur एयर बेस को लगातार आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है ताकि यह किसी भी समय युद्ध या आपात स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार रहे। यहाँ पर कई अत्याधुनिक उपकरण और प्रणाली लागू की गई हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम (IADS): यह प्रणाली हवा में हो रही किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पहचान कर उस पर कार्रवाई करने में सक्षम है। जिसे एयर डिफेन्स प्रणाली के रूप में भी हम जानते हैं ।

  • एडवांस रडार और सेंसिंग यूनिट्स: जो दुश्मन के विमान या मिसाइल को काफी दूर से ही ट्रैक कर सकते हैं। और उसे हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखते हैं ।

  • ऑटोमेटेड एयर ट्रैफिक कंट्रोल: जिससे विमान संचालन में मानवीय गलतियों  की संभावना बहुत कम हो जाती है।

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इसके अलावा, डिजिटल संचार प्रणाली, सैटेलाइट लिंक, और साइबर-सुरक्षा उपायों के जरिए Adampur को एक ‘स्मार्ट एयरबेस’ की दिशा में विकसित किया जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर और हालिया घटनाक्रम

हाल ही में, Adampur एयर बेस “ऑपरेशन सिंदूर” के केंद्र में रहा है। इस ऑपरेशन के दौरान, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक और प्रभावी हमले किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 मई 2025 को Adampur एयर बेस का दौरा किया और वायुसेना के जवानों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की सैन्य कार्रवाई केवल पाकिस्तान की अपील पर अस्थायी रूप से रोकी गई थी और भविष्य में किसी भी उकसावे पर कड़ा जवाब दिया जाएगा। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने S-400 मिसाइल प्रणाली के सामने खड़े होकर एक स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की रक्षा प्रणाली पूरी तरह से सक्रिय और सक्षम है। जिस से पाकिस्तान के दावे पर भी बात शुरू हुई उनका कहना था की हमने भारतीय S-400 जो की आदमपुर में है उसे नष्ट कर दिया है । लेकिन ये बात झुट साबित हुई ।

Adampur एयर बेस पर तैनात विमान और स्क्वाड्रन

मिग-29: वायु शक्ति का प्रतीक

Adampur एयर बेस की पहचान मुख्य रूप से मिग-29 लड़ाकू विमानों से जुड़ी है। मिग-29 को भारतीय वायुसेना ने 1980 के दशक में सोवियत संघ से खरीदा था, और यह आज भी वायुसेना के सबसे भरोसेमंद इंटरसेप्टर और मल्टी-रोल फाइटर जेट्स में से एक है। इस एयर बेस पर तैनात 47वीं स्क्वाड्रन, जिसे “Black Archers” के नाम से जाना जाता है, मिग-29 की मुख्य इकाई है।

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मिग-29 की विशेषताएं:

  • सुपरसोनिक गति (2.25 मैक तक)

  • हवा में ईंधन भरने की सुविधा

  • बीवीआर (Beyond Visual Range) मिसाइल सिस्टम

  • इलेक्ट्रॉनिक काउंटर मेजर्स (ECM)

  • अंधेरे और खराब मौसम में ऑपरेशन की क्षमता

इन विमानों की मौजूदगी ने Adampur एयर बेस को पाकिस्तान की सीमाओं के बेहद करीब सबसे ताकतवर हवाई गढ़ बना दिया है। युद्ध की स्थिति में ये विमान कुछ ही मिनटों में सीमांत इलाकों तक पहुंचकर दुश्मन के विमानों को जवाब दे सकते हैं। और दुश्मन की चाल को तहस नहस करने का दम रखते हैं ।

स्क्वाड्रन और ट्रेनिंग यूनिट्स

Adampur एयर बेस पर सिर्फ मिग-29 ही नहीं बल्कि अन्य स्क्वाड्रन और ट्रेनिंग यूनिट्स भी तैनात हैं। ये यूनिट्स विभिन्न भूमिकाओं में काम करती हैं, जिनमें हवाई निगरानी, ट्रेनिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सपोर्ट, और ग्राउंड ऑपरेशंस शामिल हैं।

कुछ प्रमुख स्क्वाड्रन:

  • 47 स्क्वाड्रन “Black Archers” – मिग-29 फाइटर्स

  • TACT (Tactical Air Combat Training) यूनिट – युवा पायलटों को हवाई युद्ध की ट्रेनिंग देती है

  • Maintenance & Logistics Unit – विमानों की मरम्मत और संचालन सुनिश्चित करती है

यहाँ नियमित रूप से हवाई अभ्यास, डॉगफाइट सिमुलेशन और लाइव फायर ड्रिल्स आयोजित की जाती हैं, जिससे यह एयर बेस हर समय पूर्ण युद्ध तत्परता की स्थिति में रहता है।

सीमा सुरक्षा और तुरंत जवाब देने की क्षमता

पाकिस्तान सीमा के करीब होने का लाभ

Adampur एयर बेस की स्थिति इसे सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। यह एयर बेस अमृतसर से लगभग 90 किमी और भारत-पाक सीमा से लगभग 100-120 किमी की दूरी पर स्थित है। इस निकटता के कारण यहां तैनात फाइटर जेट्स दुश्मन के किसी भी हमले का त्वरित जवाब देने में सक्षम हैं।

सीमा सुरक्षा की दृष्टि से यह एयर बेस दोहरी भूमिका निभाता है:

  1. हवाई निगरानी (Air Surveillance): पाकिस्तान की ओर से किसी भी हवाई घुसपैठ या मिसाइल लॉन्च को ट्रैक कर तत्काल रिपोर्ट करता है।

  2. तत्काल प्रतिक्रिया (Quick Reaction Alert): फाइटर जेट्स 24×7 तैयार रहते हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में उड़ान भर सकते हैं।

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Adampur की तैनाती भारतीय वायुसेना की ‘Layered Air Defence’ प्रणाली का एक अहम हिस्सा है, जिसमें हवाई हमला करने से पहले दुश्मन की हर गतिविधि पर नज़र रखी जाती है और प्रतिक्रिया दी जाती है।

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संभावित खतरों के खिलाफ तैयारी

आज के दौर में युद्ध केवल पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। दुश्मन की ओर से ड्रोन, मिसाइल और साइबर हमलों का खतरा भी बना रहता है। Adampur एयर बेस ने इन खतरों से निपटने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं:

  • DRDO द्वारा विकसित Anti-Drone System की तैनाती

  • S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के साथ समन्वय

  • साइबर सिक्योरिटी सेल की स्थापना

इसके अतिरिक्त, एयरबेस के आसपास मल्टी-लेयर सुरक्षात्मक घेरे बनाए गए हैं जो कि किसी भी जमीनी या हवाई हमले को रोकने में सक्षम हैं।

सामुदायिक योगदान और स्थानीय प्रभाव

स्थानीय विकास में भूमिका

Adampur एयर बेस का प्रभाव केवल सैन्य सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए एक विकास का केंद्र भी है। इस एयर बेस के कारण क्षेत्र में रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं, और शिक्षा के क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।

  • रोजगार: एयरबेस पर सिविलियन कर्मचारियों, सप्लाई वेंडर्स, और निर्माण कार्यों के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाती है।

  • स्वास्थ्य: वायुसेना द्वारा नियमित रूप से मेडिकल कैम्प और ब्लड डोनेशन ड्राइव आयोजित की जाती हैं।

  • शिक्षा: सैनिकों के बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले केंद्रीय विद्यालय और स्कूल उपलब्ध हैं, जिनमें स्थानीय बच्चे भी पढ़ते हैं।

Adampur और इसके आस-पास के क्षेत्र ने एयरबेस की वजह से बुनियादी ढांचे में भी सुधार देखा है, जैसे कि बेहतर सड़कें, बिजली व्यवस्था और संचार सेवाएं। इन सभी वजहों से ये एक भारत का खास और जरूरी एयर बेस माना जाता है ।