COVID Cases Delhi फिर लौट आया कोरोना! – एक मरीज़ को गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती

COVID Cases Delhi
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दिल्ली जो की कुछ साल पहले दुनिया में फैली महामारी COVID-19 के दौरान देश में COVID-19 की वजह से देश का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गई गई । अब 2025 में मई के महीने में फिर कुछ ऐसी खबर या रही है जिससे दिल्ली पर एक बार फिर से COVID-19 का खतरा मंडराने लगा है और हाल की जानकारी के मुताबिक अभी वर्तमान समय में दिल्ली जो की देश की राजधानी है वहाँ एक्टिव केस की संख्या 104 तक पहुँच चुकी है। जबकि पीछे हफ्ते में ये आंकड़ा 99 था । और अब इस हफ्ते तक 5 और मामले आने से अब ये संख्या 104 हो चुकी है । देखने में बेशक ये संख्या एकचोटी संख्या लग रही है लेकिन जिन लोगों ने कोरोना महामारी को देखा और समझा है वो अच्छी तरह से जानते हैं की ये संख्या काम नहीं है और कब एकदम से ये विकराल रूप ले लेगी इसका कोई अंदाज नहीं लगा सकता ।

दिल्ली की जनता को बनना होगा फिर से सुरक्षा कवच

दिल्ली की जनता को इस समय दो जिम्मेदारियाँ  निभानी होगी — खुद की और समाज की सुरक्षा की। वैसे तो अभी के आंकड़े घबराने लायक नहीं हैं, लेकिन एक बात जिसपे ध्यान देना जरूरी है की  इनमें से एक मरीज़ को गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती किया गया है। यानी संक्रमण का असर सभी पर एक जैसा नहीं है। कुछ लोगों में यह हल्का होता है, जबकि कुछ को हॉस्पिटलाइज़ेशन की ज़रूरत पड़ती है। पिछली बार भी कुछ इसी तरह का संक्रमण देखा गया था जहां कुछ लोगों को ये बहुत ही खतरनाक तरीके से असर करता था .

क्या कहना है स्वास्थ्य मंत्रालय का

अब सवाल यह उठता है की ये इस बार के cases आना क्या नॉर्मल है और सिर्फ कुछ समय और कुछ लोगों में ही लक्षण हैं जो समय रहते recover हो जाएंगे या फिर पिछली बार की तरह एक और खतरनाक लहर आने के संकेत ।  स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें तो अभी घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सुरक्षा के लिए सतर्क रहना जरूरी है ।

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क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े? COVID डैशबोर्ड की जानकारी

भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए COVID-19 डैशबोर्ड के अनुसार, दिल्ली में 104 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। ये संख्या भले ही कम लग रही हो, लेकिन पिछले सप्ताह के मुकाबले बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि वायरस अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों के लिए खतरे की घंटी हो सकती है जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं या जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है।

सरकार और मंत्रालय की तरफ से उठाए गए कदम

स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार ट्रैकिंग और ट्रेसिंग पर जोर दे रहा है। RT-PCR टेस्टिंग में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे संक्रमण की सही स्थिति का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, होम आइसोलेशन के नियमों को फिर से सक्रिय किया गया है और सरकारी हेल्पलाइन नंबरों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि दिल्ली में फिलहाल वैक्सीनेशन की दर काफ़ी बेहतर है। अधिकतर लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज़ मिल चुकी हैं, और बूस्टर डोज़ का कवरेज भी बढ़ाया गया है। इससे स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यदि लापरवाही बरती गई तो मामले तेजी से बढ़ सकते हैं।

AIIMS दिल्ली में भर्ती मरीज और हॉस्पिटल की तैयारियाँ

AIIMS, जो कि देश का सबसे प्रमुख सरकारी अस्पताल है, ने COVID मामलों की बढ़ोतरी को देखते हुए अपनी मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को एक्टिव मोड में डाल दिया है। खबर के मुताबिक, एक गंभीर COVID मरीज को AIIMS में भर्ती किया गया है। इस मरीज़ की स्थिति पर डॉक्टरों की विशेष टीम निगरानी रख रही है।

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AIIMS ने विशेष COVID वार्ड को फिर से एक्टिवेट किया है जिसमें ऑक्सीजन बेड, ICU और वेंटिलेटर की पूरी व्यवस्था है। साथ ही, स्टाफ को फिर से PPE किट्स में लौटने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा अस्पताल ने जनरल OPD में भी COVID सिम्प्टम्स वाले मरीजों की जांच के लिए एक अलग सेक्शन बना दिया है, ताकि बाकी मरीजों को संक्रमण से बचाया जा सके।

अस्पताल प्रशासन ने दिल्ली सरकार के साथ मिलकर हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की ट्रेनिंग शुरू की है ताकि अगर मामलों में अचानक बढ़ोतरी हो तो स्थिति को हैंडल किया जा सके। इसके अलावा, कोविड से जुड़ी दवाइयों और किट्स का स्टॉक भी अपडेट कर लिया गया है।

नया वैरिएंट JN.1: कितना घातक है यह?

दिल्ली में रिपोर्ट किए गए मामलों में एक केस ऐसा भी है जो COVID के नए वैरिएंट JN.1 से संक्रमित पाया गया है। यह वैरिएंट Omicron का सब-वैरिएंट है। स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पुष्टि की है कि इस वैरिएंट के लक्षण नॉर्मल सर्दी और बुखार जो आम तौर पर लोगों को होता है उसी की तरह हैं  लेकिन ये काफी तेजी के साथ फैलता है जो की एक खतरे की घंटी है जनता के लिए ।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस वैरिएंट की ट्रांसमिशन रेट अधिक है, लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि यह गंभीर रूप नहीं लेता, खासकर उन लोगों में जिन्हें वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है। हालांकि, बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोग अधिक जोखिम में हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) दोनों इस वैरिएंट पर लगातार रिसर्च कर रहे हैं और इसके जीनोम सिक्वेंसिंग के ज़रिए आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।

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लोगों के लिए सलाह: घबराएँ नहीं, सतर्क रहें

जैसे ही COVID-19 के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं, यह बहुत जरूरी हो गया है कि हम सभी कुछ बेसिक सेफ्टी रूल्स को फॉलो करें। मास्क पहनना, हाथों की साफ-सफाई रखना और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना अभी भी सबसे जरूरी उपाय हैं।

सरकार ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे वैक्सीन की बूस्टर डोज़ जल्द से जल्द लगवा लें। अगर किसी को बुखार, गले में खराश या सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो बिना देरी किए टेस्ट करवाएँ और खुद को आइसोलेट करें।

अफवाहों से बचें

इसके अलावा, कोरोना से जुड़ी अफवाहों से भी बचना जरूरी है। सही जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट्स और न्यूज़ सोर्सेज से ही लें। सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी खबर को बिना जांचे साझा न करें। और घबराएं नहीं क्यूंकी आप सभी ने पिछली बार कोरोना को हराया है और आप सभी कोरोना से परिचित हैं कैसे बचाव होगा कैसा होता है । सब आप जानते हैं इसलिए घबराना नहीं है खुद को सुरक्षित रखना है और अगर किसी को जानकारी न हो उसे भी समझाएं की क्या नहीं करना चाहिए । ताकि हमारा परिवार ,समाज और देश सुरक्षित रहे ।👏🏻

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