केंद्र सरकार की PM Vishwakarma Yojana आज उन लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनी है, जो पैसों की कमी के कारण अपना हुनर आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे। इस योजना के तहत सुनार, लोहार, नाई और चर्मकार जैसे पारंपरिक कारीगरों को 3 लाख रुपये तक का लोन आसान शर्तों पर दिया जा रहा है। खास बात यह है कि इस लोन पर सिर्फ 5% ब्याज लिया जाता है और वह भी बिना किसी गारंटी के।
ये PM Vishwakarma Yojana उन लोगों के लिए एक वरदान की तरह साबित हो रही है । जो लोग अपना पारंपरिक और छोटा वायावसाय करते है । लेकिन काम को बढ़ाना कहते है जिसके उनके पास पर्याप्त पूंजी नहीं है । इस योजना के जरिए वो लोग अपने सपने साकार कर सकते हैं ।
Newstop के जानकारों के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य है कि देश के छोटे कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाया जाए और उनके कौशल को आधुनिक ट्रेनिंग से और मजबूत किया जाए। इस से देश के साथ उन गरीब कामगारों को भी अन्नति मिलेगी और वो अपना रोजगार स्थिर कर पाएंगे ।
PM Vishwakarma Yojana लोन का पूरा स्ट्रक्चर
PM Vishwakarma Yojana के तहत लाभार्थी को दो चरणों में लोन मिलता है।
पहले चरण में 1 लाख रुपये का लोन, ताकि कारोबार शुरू किया जा सके।
इस 1 लाख रुपए की राशि को आप अपना कारोबार जिसे आप शुरू करना चाहते हैं । या आपके पास कारोबार है लेकिन घर तक या फिर बहुत छोटे लेवल तक सीमित है । उसे आप शुरू कर सकते हैं । एक व्यवसाय की तरह ।
दूसरे चरण में, बिज़नेस बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक का लोन।
दूसरे चरण में आपको 2 लाख की राशि और दी जाती है । जिसका मकसद होता है आपने जो व्यवसाय शुरू किया है उनकी बढ़ोतरी करना । और उस काम को और अधिक जगहों तक ले जाना सीधा मतलब ये है की इसका इस्तेमाल व्यवसाय को बढ़ाने के लिए करना होगा ।
यानी कुल 3 लाख रुपये तक का आर्थिक सहयोग दिया जाता है। इसके साथ ही योजना में मास्टर ट्रेनरों की मदद से स्किल ट्रेनिंग भी शामिल है, ताकि कारीगर अपने काम को और प्रोफेशनल बना सकें।
बिहार और गया में जबरदस्त रिस्पॉन्स
आंकड़े बताते हैं कि PM Vishwakarma Yojana का लाभ बिहार में तेजी से फैल रहा है। यहां अब तक 1.62 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सिर्फ गया जिले में ही 3611 आवेदन आए हैं। यह बताता है कि कारीगर समुदाय इस योजना को लेकर कितना उत्साहित है।
मेरी व्यक्तिगत राय में, इस तरह की स्कीमें न सिर्फ रोजगार बढ़ाती हैं बल्कि गांव-देहात में आत्मनिर्भरता की असली ताकत भी देती हैं।
18 ट्रेड्स को मिला है सीधा फायदा
इस योजना में 18 पारंपरिक ट्रेड्स को शामिल किया गया है। इनमें बढ़ई, सुनार, लोहार, दर्जी, नाव बनाने वाले और यहां तक कि बांस-बुनाई करने वाले भी शामिल हैं।
सरकार चाहती है कि पुरानी पारंपरिक कला खत्म न हो और कारीगर आधुनिक अर्थव्यवस्था में बराबर की हिस्सेदारी निभा सकें। यह योजना भारत के ग्रामीण और शहरी कारीगरों को जोड़कर MSME सेक्टर को मजबूत करने का बड़ा कदम है।
भारत सरकार की तरफ से बहुत ही महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जाती हैं । जैसे PM AWAAS YOJNA ,और ये AYUSHMAAN YOJNAY ये बेहद ही फायदेमंद योजनाए है । और अगर आप पत्र हैं तो इनका फायदा जरूर उठायें .
आवेदन कैसे करें?
यदि कोई कारीगर इस योजना का लाभ लेना चाहता है, तो उसे सरकारी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद पात्रता जांच के बाद लाभार्थी को लोन और ट्रेनिंग दोनों का फायदा मिलेगा।
मुझे ग्राउंड रिपोर्टिंग में कई ऐसे लोग मिले, जिन्होंने बताया कि अगर यह योजना समय पर लागू होती रही तो आने वाले सालों में लाखों छोटे उद्योगपति तैयार होंगे।
क्यों खास है यह योजना?
बिना गारंटी 3 लाख रुपये तक का लोन।
सिर्फ 5% ब्याज दर।
पारंपरिक कारीगरों को स्किल ट्रेनिंग।
18 ट्रेड्स को सीधा लाभ।
छोटे उद्यमियों के लिए आत्मनिर्भर बनने का अवसर।
देश में बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों के बीच PM Vishwakarma Yojana न केवल रोजगार का रास्ता खोल रही है, बल्कि कारीगरों को आत्मसम्मान भी दिला रही है। आने वाले दिनों में यह योजना लाखों परिवारों की जिंदगी बदल सकती है।














