टेक्नोलॉजी की दुनिया में SIM Card का सफर लंबा और अहम रहा है। और एक समय लोग फोन को बिना सिम के सोच भी नहीं सकते थे हालांकि अभी भी की लोग ये नहीं जानते की सिम अब शायद इतिहास बनने वाले हैं । kयूनकी अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। हाल ही में Apple ने iPhone17 सीरीज़ और iPhone AIR लॉन्च करते हुए फिजिकल SIM Card को पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। इस अल्ट्रा-स्लिम डिवाइस में कंपनी ने SIM ट्रे ही नहीं दी है, यानी यह सिर्फ eSIM पर ही काम करेगा। और इसी के साथ इस सिम वाली बहस का भी जन्म हो गया । इसलिये हमें जानना चाहिए की क्या सच में सिम कार्ड अब खत्म होने वाले हैं ।
जैसा कि पहले Newstop ने रिपोर्ट ने बताया था, अमेरिका में 2022 से ही iPhone 14 और इसके बाद आए सभी मॉडल्स केवल eSIM सपोर्ट के साथ लॉन्च किए गए थे। अब यह बदलाव धीरे-धीरे ग्लोबल स्तर पर भी अपनाया जा रहा है।
क्यों SIM Card को छोड़ रहा है टेक वर्ल्ड?
Apple का मानना है कि eSIM ज्यादा secure और user-friendly है। इसमें SIM Card बदलने की झंझट नहीं होती और नेटवर्क स्विच करना भी आसान हो जाता है। इसमें बहुत अधिक सुविधाएं दी जा सकती हैं जब की सिम कार्ड में ये सब पॉसिबल नहीं है ।
यानी अगर आप विदेश यात्रा कर रहे हैं तो नई सिम कार्ड खरीदने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ QR कोड स्कैन करके नया नेटवर्क एक्टिवेट किया जा सकता है। इसके विपरीत जब आप सिम कार्ड बदलते हैं तो आपको एक नया सिम कार्ड लेना पड़ता है जिसका एक प्रोसेस होता है ।
ई सिम के साथ मिलने वाले फायदे और सुविधाएं ।
देखो अगर बात करें ई सिम की सुविधा और फायदे की तो सबसे बड़ा फायदा तो यही है की आपको इसे लेने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी आप अपने फोन से ही इसे ले सकते हैं । और दूसरी बात की आपको सिम कार्ड नहीं डालना पड़ेगा क्यूंकी ये वर्चुअल सिम होगा । और इस से आपके फोन में से एक छोटी ही सही लेकिन एक सिम ट्रे की जगह खाली हो जाएगी जिस से फोन स्लिम बना करेंगे । और कोनेक्टिविटी भी बेहतर होगी विदेश में भी नेटवर्क स्विच कर पाएंगे ।
रिपोर्ट्स क्या कहती हैं?
CCS Insight की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 तक दुनियाभर में लगभग 103 करोड़ स्मार्टफोन eSIM पर काम कर रहे थे। अनुमान है कि 2030 तक यह आंकड़ा तीन गुना बढ़कर 301 करोड़ तक पहुंच जाएगा।
यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि सिम कार्ड का दौर अब खत्म होने की ओर है और आने वाले समय में हर बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड eSIM को ही प्राथमिकता देगा।
SIM Card से eSIM की ओर: यूजर्स की राय
रिपोर्टिंग के दौरान मेरी बातचीत कई टेक-फ्रेंड्स और मोबाइल शॉप ओनर्स से हुई। ज्यादातर का मानना है कि शुरुआती दौर में यूजर्स को eSIM की सेटिंग थोड़ी जटिल लग सकती है, लेकिन एक बार सेटअप हो जाने के बाद यह पारंपरिक सिम कार्ड से कहीं ज्यादा आसान और भरोसेमंद है।
कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि अगर फोन खराब हो गया तो SIM Card ट्रांसफर कैसे होगा? कंपनियों का कहना है कि यह क्लाउड बेस्ड ट्रांसफर पर आधारित है और प्रोसेस आसान होता जा रहा है।
भारत में SIM Card का भविष्य
भारत जैसे बड़े और डाइवर्स मार्केट में अभी फिजिकल SIM Card का चलन बना रहेगा। वजह है— ग्रामीण इलाकों में डिजिटल लर्निंग की कमी और लोकल टेलीकॉम ऑपरेटरों का अभी पूरी तरह eSIM-ready न होना।
हालांकि, शहरों और मेट्रो सिटीज़ में आने वाले 2-3 सालों में eSIM का ग्रोथ तेजी से देखने को मिलेगा।
टेक कंपनियों की स्ट्रैटेजी
Apple ही नहीं, Samsung, Google Pixel और कई चीनी स्मार्टफोन ब्रांड भी eSIM फीचर वाले फोन लॉन्च कर चुके हैं। और आगे का भी यही प्लान है की अधिकतर फोन अब आपको ई सिम वाले ही मिल करेंगे । ये लगभग तय है की भविष्य में सिर्फ ई सिम ही आपको देखने को मिलेगी जिसकी तैयारी अब नेटवर्क provider कॉम्पनियां भी कर रही हैं ।
क्या SIM Card हो जाएगा पूरी तरह गायब?
यह सवाल अभी खुला है। लेकिन जिस तरह से स्मार्टफोन कंपनियां eSIM को प्रमोट कर रही हैं, उससे साफ है कि आने वाले दशक में SIM Card केवल इतिहास के पन्नों में दिखाई देगा।
फिलहाल, भारत जैसे मार्केट में SIM Card और eSIM दोनों का कॉम्बिनेशन चलता रहेगा। लेकिन टेक्नोलॉजी की रफ्तार देखते हुए लगता है कि आने वाले समय में हम सबको eSIM पर ही शिफ्ट होना होगा।














